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जातिवाद में जकड़ा हुआ सांसद

प्रवासियों को अपने घर तक सुरक्षित लाने के लिए जब आपने बेड़ा उठाया था तब काफी प्रस्सनता हुई थी कि सांसद काफी अच्छा काम कर रहे है लेकिन लिस्ट को देखकर न के  बराबर पढ़ा लिखा व्यक्ति भी बता सकता है शायद ही हिंदुस्तान में कोई ऐसा सांसद हो जो जातिगत राजनीति में इतना लिप्त है कि खुलेआम ऐसा काम कर रहा है । मेरा सवाल है कि क्या सिर्फ निषाद, साहनी या मल्लाह लोग ही संतकबीनगर नगर से बाहर काम करने के लिए जाते है ? ये पूरी तरह से गलत है लिस्ट को देख कर एक तरफ़ खुशी है कि हमारे निषाद , साहनी और मल्लाह भाई तो आ रहे है लेकिन आपकी जातिगत वाली सोच देखकर खुद से सवाल पूछने का मन हो रहा है कि संत कबीर नगर के लोगो ने कैसा इंसान सांसद के रूप में चुन लिया जो जाति से उपर उठ ही नहीं पा रहा है ? एक तो संत कबीर नगर बाहरी लोगो को पता नहीं कैसे चुनाव जीता देते है जिसको जिले का ABC भी नहीं पता । एक बाहरी होकर भी आप संत कबीर नगर लोकसभा  का सीट जीत गए  है इसको शायद आप अपनी उपलब्धि समझ रहे है । ऐसा भूल ना करे । संत कबीर नगर का सीट हमेशा नेताओ के निक्कमो बेटो या बेटियों के लिए आरक्षित नहीं रहेग...

Ashutosh Rana Poem Hey Bharat Ke Ram Jago in Sahitya Aajtak

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यह कविता बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा जी द्वारा रचित एक अदभुत रचना है कविता के माध्यम  से आशुतोष  राणा  जी  देश  के युवाओं को बताने  की कोशिश  की तुम अपने  इतिहास को देखो  उन्होंने ने क्या क्या किया है इस देश  के लिए  उससे प्रेरणा  लो  और तुम  भी  कुछ  ऐसा  करने  का नित  प्रयत्न  करो । Image credit : India Today कविता  इस प्रकार  है - हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हे जगाने आया हूँ, सौ धर्मों का धर्म एक, बलिदान बताने आया हूँ । सुनो हिमालय कैद हुआ है, दुश्मन की जंजीरों में आज बता दो कितना पानी, है भारत के वीरो में, खड़ी शत्रु की फौज द्वार पर, आज तुम्हे ललकार रही, सोये सिंह जगो भारत के, माता तुम्हे पुकार रही । रण की भेरी बज रही, उठो मोह निद्रा त्यागो, पहला शीष चढाने वाले, माँ के वीर पुत्र जागो। बलिदानों के वज्रदंड पर, देशभक्त की ध्वजा जगे, और रण के कंकण पहने है, वो राष्ट्रभक्त की भुजा जगे ।। अग्नि पंथ के पंथी जागो, शीष हथेली पर धरकर, जागो ...

इतिहास में संत कबीर नगर

संत कबीर के दोहों और उनके संदेश का ही असर रहा कि खलीलुर्रहमान ने सर्व धर्म समभाव की भावना के साथ खलीलाबाद नगर बसाया जिसे वर्ष 1997 में ज़िला मुख्यालय का दर्ज़ा मिला। खलीलुर्रहमान मुग़ल शासन काल में दिल्ली में रहते थे, जहां उनकी मुलाकात मुग़ल बादशाह औरंगजेब से हुई। खलीलुर्रहमान की बुद्धिमता से प्रभावित होकर औरंगजेब ने उन्हें गोरखपुर परिक्षेत्र का चकलेदार एवं क़ाज़ीनियुक्त कर दिया। खलीलुर्रहमान ने गोरखपुर और बस्ती के बीच खलीलाबाद क़स्बा बसाया। वर्ष 1737 में उन्होंने शाही किला बनवाया। किले के अंदर मस्जिद का निर्माण भी कराया गया। खलीलुर्रहमान ने अपने पुश्तैनी गांव मगहर स्थित जामा मस्जिद से शाही किले तक आने-जाने के लिए सुरंग मार्ग भी बनवाया जो नौ किलोमीटर लंबा और 15 फीट चौड़ा है। इसी रास्ते से वह अपनी टमटम पर बैठकर किले तक जाते थे और वहां फरियादियों की दिक्कतोंको सुनकर इंसा़फ करते थे। किले और शाही रास्ते की सुरक्षा के लिए हर समय पहरेदारों की तैनाती रहती। गोरखपुर और बस्ती के बीच स्थित शाही किले खलीलाबाद को बारी (मुख्यालय) का दर्ज़ा हासिल था। मुग़ल शासनकाल में गोरखपुर का मुख्यालय खलीलाबाद ह...

National Youth Day

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स्वामी विवेकानंद का जन्म एक ऐसे काल में हुआ था जब भारतवर्ष और हिन्दू समाज अपनी पहचान ढूंढने के लिए संघर्ष कर रहा था। दिशाहीन और हीनभावना से ग्रस्त, वह समय सभी भारतीयों के लिए सैद्धान्तिक दिवालियेपन का चरम था। यूरोप, अमरीका में हिन्दुत्व को तुच्छ, अंधविश्वासी और बकवास समझा जाता था। स्वामी विवेकानंद ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में एक 'चक्रवाती साधु' बन कर आये जिन्होंने सभी भारतीयों में सोये हुए राष्ट्रवाद को जगाया और अपनी साँस्कृतिक और धार्मिक धरोहर के प्रति गर्व की स्थापना की। उनके गरजदार और ऊर्जापूर्ण विचारों से नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, औरोबिन्दो घोष, महात्मा गाँधी जैसे स्वतंत्रता सैनानी प्रभावित और प्रेरित हुए। भारतवर्ष और हिन्दुत्व का लोहा विश्वपटल पर मनवाने वाले स्वामी विवेकानंद विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। अंग्रेज़ों के अमानवीय शासन में भारतीय अपनी महान सभ्यता भूल चुके थे। स्वामी विवेकानन्द वह चिंगारी बने जिसकी आवश्यकता हमारे सोये हुए समाज को थी। उन्होंने भारतवर्ष को एक सशक्त राष्ट्र के रूप में देखा था जो विश्व में सबसे महान बनेगा। स्वामी विवेकानंद को उनकी जन्मतिथि पर शत शत नमन...

Ek Tha Tiger : Chittu Pandey

August Kranti : Ballia   The August Kranti (August Revolution), which took place in Ballia in Uttar Pradesh, is one among the most inspiring chapters of the Quit India Movement of 1942. The Indian National Congress at its Bombay session (August 1942) passed the famous Quit India resolution, calling for a mass struggle under the leadership of Mahatma Gandhi. All the major leaders were arrested and the Congress itself was declared illegal. A dismayed India reacted spontaneously against this repressive act. Popular revolts broke out across the length and breadth of the country, with the battle cry of "British Quit India". In Ballia District of U.P. the revolt started with protest demonstrations of the students. The arrest of a few girls and at-random firing by the police in the market sent a wave of indignation into the hearts of the people. The resultant anger and excitement led to spontaneous acts of protest like removal of rails, cutting of telegraph wires and burning of ...
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Great Poem By Harvansh Rai Bachchan बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर… क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है.. मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।। ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है पर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले .!!. एक घड़ी ख़रीदकर हाथ मे क्या बाँध ली.. वक़्त पीछे ही पड़ गया मेरे..!! सोचा था घर बना कर बैठुंगा सुकून से.. पर घर की ज़रूरतों ने मुसाफ़िर बना डाला !!! सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब…. बचपन वाला ‘इतवार’ अब नहीं आता | शौक तो माँ-बाप के पैसो से पूरे होते हैं, अपने पैसो से तो बस ज़रूरतें ही पूरी हो पाती हैं.. जीवन की भाग-दौड़ में – क्यूँ वक़्त के साथ रंगत खो जाती है ? हँसती-खेलती ज़िन्दगी भी आम हो जाती है.. एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम और आज कई बार बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है.. कितने दूर निकल गए, रिश्तो को निभाते निभाते.. खुद को खो दिया हमने, अपनों को पाते पाते.. लोग कहते है हम मुस्कुराते बहोत ...

Maghar : Beyond The Religion

आज के इस माहौल में जहा दिन प्रतिदिन कुछ मूर्ख लोग धर्म के नाम पर लोगो को बाटने और तोड़ने में लगे है उसी बीच मे एक ऐसे जगह का नाम लोगो के जहन में आता है मगहर मगहर संत कबीर नगर जिले में स्थित एक अस्थान है जहाँ पर संत कबीर की समाधि भी है और मज़ार भी । लोगो को सुनकर आश्चर्य महसूस होगा लेकिन ये सत्य है। अगर मैं कहु की ये विस्व पटेल पर एकलौता ऐसा स्थान है जहाँ मंदिर और मस्जिद आमने सामने है तो कोई अतिशयोक्ति नही होगा। दिलो को तस्सली देता और लोगो को इंसनियक्त की रख दिखता मगहर विस्व विख्यात स्थान है  लेकिन बहुत पीड़ा होती है जब भी मगहर के उस ऐतिहासिक स्थान को देखता हूं कोई भी सकरकर उसके जिर्दीधार में रुचि नकहि लेती ,मगहर के पास से ही निकलती आमी नदी नाले में तक़ब्दिल हो गयी ,राजनेता आमी नदी पीकर रकजनीति करते हुए सत्तासीन होते है लेकिन बाद में वो उसके महत्व को भूल जाते है। मगहर विस्व विरासत है इसका संरक्षण अनिवार्य है जब बस्ती औऱ सिद्धार्थ नगर जिले के कुछ हिस्से तोड़ कर नया जिला बनाया गया तोह सरकार भी संत कबीर से अच्छा कोई भी विकल्प नही लगा जिला को उनके नाम पर नामित करने का।

दलित मतलब क्या ? ( Who is Dalit ? )

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To whom we will call Dalit  कौन है , ”दलित” आज मेरे मन मे एक प्रश्न उठा कि आखिर मे ये “दलित” है क्या ? कोई धर्म है? , कोई सम्प्रदाय है? कोई जाति है? या फिर कोई वोट बैंक? जवाब अभी तक मिला नही / समाज का वह हिस्सा जिसे समाज मे उचित सम्मान न मिले / जो आर्थिक व सामाजिक रूप मे विकसित न हो/तथा जिन्हे अपने अधिकारो की जानकारी ही न हो /और जो अपने अधिकारो के लड भी न सके , अथार्त भारतीय समाज का वह हिस्सा जो आजादी के बाद भी आजाद न हुआ है /जो समाज की प्रताडना सह्ता आ रहा हो / उसे कहते है “दलित” लेकिन आज के समय मे शायद दलित की पूरी परिभाषा ही बदल गयी/ आज कल तो ये सिर्फ राजनीति का हिस्सा बनकर रह गया है इस दलित शब्द का समाज से कोई मतलब ही नही है / उदाहरण :- किसी पार्टी की कोई नेता जो उस पार्टी मे सबसे ऊँचे पद पर हो, और किसी राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकी हो / वो अपने आप को दलित कहती है / मै कैसे मान लू कि वो दलित है/ दलित कोई जन्म से नही होता है बल्कि जब समाज मे उसकी अवहेलना होती है उसे उसके अधिकारो से वंचित रखा जाता है उसे शारीरिक अथवा मानसिक रूप से प्रताडित किया जाता है और व...

Randeep Hooda Post on Social Media

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Recently ,Bollywood Actor Randeep Hooda posted a post on His Facebook wall Which is going To be viral seeing the current Scenario . His post on current Scenario is tight slap on Media & Social Media who Making News Like that All things in India Is Going to be destroyed . In His post He Wrote  "If you are Muslim and suddenly start feeling unsafe in country where you lived for more than thousand years..  If you are Dalit and start feeling insulted on every moment of life.. If you are Hindu and suddenly start feeling that cows are being slaughtered everywhere... If you are a Jain and suddenly start feeling that your religious piety is being compromised... If you are punjabi and think all the youth are on drugs. Just do one thing... - Stay away from social media... -  Don't watch news... -  Stay away from debates on      religion... Just look around you at your friends who belong to different castes , communities and rel...

Relation of Teacher & His Students

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एक छोटे से शहर के प्राथमिक स्कूल में कक्षा 5 की शिक्षिका थीं। उनकी एक आदत थी कि वह कक्षा शुरू करने से पहले हमेशा "आई लव यू ऑल" बोला करतीं। मगर वह जानती थीं कि वह सच नहीं कहती । वह कक्षा के सभी बच्चों से उतना प्यार नहीं करती थीं। कक्षा में एक ऐसा बच्चा था जो उनको एक आंख नहीं भाता। उसका नाम राजू था। राजू मैली कुचेली स्थिति में स्कूल आजाया करता है। उसके बाल खराब होते, जूतों के बन्ध खुले, शर्ट के कॉलर पर मेल के निशान। । । व्याख्यान के दौरान भी उसका ध्यान कहीं और होता। मिस के डाँटने पर वह चौंक कर उन्हें देखता तो लग जाता..मगर उसकी खाली खाली नज़रों से उन्हें साफ पता लगता रहता.कि राजू शारीरिक रूप से कक्षा में उपस्थित होने के बावजूद भी मानसिक रूप से गायब हे.धीरे धीरे मिस को राजू से नफरत सी होने लगी। क्लास में घुसते ही राजू मिस की आलोचना का निशाना बनने लगता। सब बुराई उदाहरण राजू के नाम पर किये जाते. बच्चे उस पर खिलखिला कर हंसते.और मिस उसको अपमानित कर के संतोष प्राप्त करतीं। राजू ने हालांकि किसी बात का कभी कोई जवाब नहीं दिया था। मिस को वह एक बेजान पत्थर की तरह लगता जिसके अंदर मह...