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Sudha Murthy- Chairperson of Infosys Foundation & Wife of Infosys Cofounder N.R. Narayan Murthy sells Vegetables before the temple

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Today on social media a Twitter trend is made its way and This time Sudha Murthy . Yes. we are talking about Chairperson of Infosys Foundation and wife of co-founder of Infosys N.R. Narayan Murthy.  This is because of a viral post is circulating on all over social media in which she is seen selling vegetables at Sri Raghavendra Swamy Mutt in Jayanagar, Bangalore. But , According to many people , she was not selling Vegetable but doing her seva program.   I think what Sudha Murthy does is sort out and chops veggies at the Raghavendra Swami Mutt in Jayanagar Bengaluru. But yes it is an act of selflessness and service. Respect. https://t.co/gIYCJnhlJ0 — Smita Prakash (@smitaprakash) September 13, 2020   After having the wealth of nearly 2400 crores She has shown these type of gesture many times where she is seen doing these activities as she is deeply influenced by sikh's kar seva philosophy.   Every year Sudha Murthy, wife of founder Infosys, sp...

मेंहदावल की यात्रा

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आज़ादी के पहले से ही हल्दी, सोंठ और नील के उन्नत व्यापार को लेकर अलग पहचान रखने वाले मेहदावल कस्बे के साथ हिंदी साहित्य का गौरवशाली संस्मरण जुड़ा है। यहां के बाजारों का नामकरण हिंदी साहित्य के पुरोधा भारतेंदु हरिश्चंद्र ने किया था। उन्होंने मेहदावल यात्रा के समय यहां रुके थे और बाजारों का भ्रमण कर नामकरण किया। हिंदी साहित्य के उज्ज्वल नक्षत्र रहे भारतेंदु हरिश्चंद्र 1881 में एक निजी यात्रा में यहां आए थे। अपनी निजी पालकी से आए भारतेंदु को यहां के बाजारों का स्वरूप देखकर बड़ी प्रसन्नता हुई। रात्रि के समय में बाजार में लगे लकड़ी के खंभों पर दीपक जलता देख उनको यहां की व्यापारिक स्थिति समुन्नत होने का आभास हुआ। कस्बे के ही सम्मानित लोगों से मिलने के दौरान उन्हें पता चला कि नगर के चारों तरफ पोखरे तथा मंदिर हैं। उन्होंने अपनी मेहदावल यात्रा के बारे में अपने लेखों और कविताओं में वर्णन भी किया है। उत्तरपट्टी मुहल्ले के सेठ भदई प्रसाद के यहां उन्होने रात्रि विश्राम किया था। स्व. भदई प्रसाद के सत्तर वर्षीय पुत्र योगेंद्र प्रसाद का कहना है कि बाबूजी भारतेंदु जी के मेहदावल आने के बारे में बराबर चर्...

Kashmiri Pandit : Why we should Support Establishment of Kashmiri Pundits

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I'm sure you must have read in GK somewhere about this things that which country never gets slave country status? Answer is #NEPAL🇳🇵 because it was always protected by their HINDU BRAHMIN senapati and his Forces.they were attacked by Muslim rulers and Britishers many times. (Todays America was also once salve country of British.) In similar way in North of India if Todays India is Safe its because of Kashmiri Dogra King , sikh ruler maharaja ranjeet singh and #Kashmiripundits. Islamic Invader always wanted to Make #ISHLAMICGALIYARA from west to east ( Afganistan-pakistan- kashmir- UP-BIHAR-BENGAL- BAN'DESH) This is the reason that when india is divided Jinnah asked that Area for the formation of 🇵🇰 but Indians denied & only corner parts of Country given to keep country safe in inner part. Till today some Islamist Terrorist trying to achieve that dream that's why they since 1947 ( previously done by Islamist invader) they were trying to  achieve that dream so they st...

मीडिया के माध्यम से हथिनी पर भाजपा की ओछी राजनीति / Low politics over pregnant Elephant by BJP with Help of some selected Media

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दरअसल इनको हथिनी या उसके बच्चे को लेकर कोई दुख नहीं है। इनके दुख का कारण केवल यह है कि यह घटना केरल में हुई है और केरल इनके लिए वह अंगूर है जो खट्टे हैं। भगवा गिरोह के लिए केरल और पश्चिम बंगाल के साथ साथ उस हर राज्य की एक छोटी सी घटना मीडिया के सहारे बड़ा बनाने के लिए पर्याप्त है जहाँ उसकी सरकारें नहीं हैं। और जहाँ इनकी सरकारें हैं वहाँ की हर बड़ी से बड़ी घटना मीडिया और सभी सरकारी तंत्र बायकाट करके परिदृष्य से बाहर कर देती हैं। दरअसल यह शुद्ध रूप से "राजनैतिक बिज्जू" है जिनका हर उद्देश केवल राजनैतिक लाभ और हानि पर आधारित होता है , बाकी किसी से इनको ना लगाव है ना संवेदना और ना दुख है। हाथिनी को लेकर मेनका गाँधी से लेकर स्मृति ईरानी और प्रकाश जावेडकर केवल इसलिए मुखर हैं क्युँकि केरल कोविड-19 की लड़ाई जीतने वाला इस देश का पहला राज्य बन चुका है और उसने एक माॅडल प्रस्तुत किया कि शेष राज्य कोविड-19 से कैसे लड़ें। इसी बीच हाथी की घटना केरल की मिलती वाहवाही को रोकने के लिए प्रयोग में लाई गयी , और फिर इसमें मुस्लिम बाहुल्य जिले का ऐंगल घुसेड़ कर इसे मुस्लिमो की करतूत बताकर सांप्रदायिक...

जातिवाद में जकड़ा हुआ सांसद

प्रवासियों को अपने घर तक सुरक्षित लाने के लिए जब आपने बेड़ा उठाया था तब काफी प्रस्सनता हुई थी कि सांसद काफी अच्छा काम कर रहे है लेकिन लिस्ट को देखकर न के  बराबर पढ़ा लिखा व्यक्ति भी बता सकता है शायद ही हिंदुस्तान में कोई ऐसा सांसद हो जो जातिगत राजनीति में इतना लिप्त है कि खुलेआम ऐसा काम कर रहा है । मेरा सवाल है कि क्या सिर्फ निषाद, साहनी या मल्लाह लोग ही संतकबीनगर नगर से बाहर काम करने के लिए जाते है ? ये पूरी तरह से गलत है लिस्ट को देख कर एक तरफ़ खुशी है कि हमारे निषाद , साहनी और मल्लाह भाई तो आ रहे है लेकिन आपकी जातिगत वाली सोच देखकर खुद से सवाल पूछने का मन हो रहा है कि संत कबीर नगर के लोगो ने कैसा इंसान सांसद के रूप में चुन लिया जो जाति से उपर उठ ही नहीं पा रहा है ? एक तो संत कबीर नगर बाहरी लोगो को पता नहीं कैसे चुनाव जीता देते है जिसको जिले का ABC भी नहीं पता । एक बाहरी होकर भी आप संत कबीर नगर लोकसभा  का सीट जीत गए  है इसको शायद आप अपनी उपलब्धि समझ रहे है । ऐसा भूल ना करे । संत कबीर नगर का सीट हमेशा नेताओ के निक्कमो बेटो या बेटियों के लिए आरक्षित नहीं रहेग...

Ashutosh Rana Poem Hey Bharat Ke Ram Jago in Sahitya Aajtak

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यह कविता बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा जी द्वारा रचित एक अदभुत रचना है कविता के माध्यम  से आशुतोष  राणा  जी  देश  के युवाओं को बताने  की कोशिश  की तुम अपने  इतिहास को देखो  उन्होंने ने क्या क्या किया है इस देश  के लिए  उससे प्रेरणा  लो  और तुम  भी  कुछ  ऐसा  करने  का नित  प्रयत्न  करो । Image credit : India Today कविता  इस प्रकार  है - हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हे जगाने आया हूँ, सौ धर्मों का धर्म एक, बलिदान बताने आया हूँ । सुनो हिमालय कैद हुआ है, दुश्मन की जंजीरों में आज बता दो कितना पानी, है भारत के वीरो में, खड़ी शत्रु की फौज द्वार पर, आज तुम्हे ललकार रही, सोये सिंह जगो भारत के, माता तुम्हे पुकार रही । रण की भेरी बज रही, उठो मोह निद्रा त्यागो, पहला शीष चढाने वाले, माँ के वीर पुत्र जागो। बलिदानों के वज्रदंड पर, देशभक्त की ध्वजा जगे, और रण के कंकण पहने है, वो राष्ट्रभक्त की भुजा जगे ।। अग्नि पंथ के पंथी जागो, शीष हथेली पर धरकर, जागो ...

इतिहास में संत कबीर नगर

संत कबीर के दोहों और उनके संदेश का ही असर रहा कि खलीलुर्रहमान ने सर्व धर्म समभाव की भावना के साथ खलीलाबाद नगर बसाया जिसे वर्ष 1997 में ज़िला मुख्यालय का दर्ज़ा मिला। खलीलुर्रहमान मुग़ल शासन काल में दिल्ली में रहते थे, जहां उनकी मुलाकात मुग़ल बादशाह औरंगजेब से हुई। खलीलुर्रहमान की बुद्धिमता से प्रभावित होकर औरंगजेब ने उन्हें गोरखपुर परिक्षेत्र का चकलेदार एवं क़ाज़ीनियुक्त कर दिया। खलीलुर्रहमान ने गोरखपुर और बस्ती के बीच खलीलाबाद क़स्बा बसाया। वर्ष 1737 में उन्होंने शाही किला बनवाया। किले के अंदर मस्जिद का निर्माण भी कराया गया। खलीलुर्रहमान ने अपने पुश्तैनी गांव मगहर स्थित जामा मस्जिद से शाही किले तक आने-जाने के लिए सुरंग मार्ग भी बनवाया जो नौ किलोमीटर लंबा और 15 फीट चौड़ा है। इसी रास्ते से वह अपनी टमटम पर बैठकर किले तक जाते थे और वहां फरियादियों की दिक्कतोंको सुनकर इंसा़फ करते थे। किले और शाही रास्ते की सुरक्षा के लिए हर समय पहरेदारों की तैनाती रहती। गोरखपुर और बस्ती के बीच स्थित शाही किले खलीलाबाद को बारी (मुख्यालय) का दर्ज़ा हासिल था। मुग़ल शासनकाल में गोरखपुर का मुख्यालय खलीलाबाद ह...

National Youth Day

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स्वामी विवेकानंद का जन्म एक ऐसे काल में हुआ था जब भारतवर्ष और हिन्दू समाज अपनी पहचान ढूंढने के लिए संघर्ष कर रहा था। दिशाहीन और हीनभावना से ग्रस्त, वह समय सभी भारतीयों के लिए सैद्धान्तिक दिवालियेपन का चरम था। यूरोप, अमरीका में हिन्दुत्व को तुच्छ, अंधविश्वासी और बकवास समझा जाता था। स्वामी विवेकानंद ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में एक 'चक्रवाती साधु' बन कर आये जिन्होंने सभी भारतीयों में सोये हुए राष्ट्रवाद को जगाया और अपनी साँस्कृतिक और धार्मिक धरोहर के प्रति गर्व की स्थापना की। उनके गरजदार और ऊर्जापूर्ण विचारों से नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, औरोबिन्दो घोष, महात्मा गाँधी जैसे स्वतंत्रता सैनानी प्रभावित और प्रेरित हुए। भारतवर्ष और हिन्दुत्व का लोहा विश्वपटल पर मनवाने वाले स्वामी विवेकानंद विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। अंग्रेज़ों के अमानवीय शासन में भारतीय अपनी महान सभ्यता भूल चुके थे। स्वामी विवेकानन्द वह चिंगारी बने जिसकी आवश्यकता हमारे सोये हुए समाज को थी। उन्होंने भारतवर्ष को एक सशक्त राष्ट्र के रूप में देखा था जो विश्व में सबसे महान बनेगा। स्वामी विवेकानंद को उनकी जन्मतिथि पर शत शत नमन...

Ek Tha Tiger : Chittu Pandey

August Kranti : Ballia   The August Kranti (August Revolution), which took place in Ballia in Uttar Pradesh, is one among the most inspiring chapters of the Quit India Movement of 1942. The Indian National Congress at its Bombay session (August 1942) passed the famous Quit India resolution, calling for a mass struggle under the leadership of Mahatma Gandhi. All the major leaders were arrested and the Congress itself was declared illegal. A dismayed India reacted spontaneously against this repressive act. Popular revolts broke out across the length and breadth of the country, with the battle cry of "British Quit India". In Ballia District of U.P. the revolt started with protest demonstrations of the students. The arrest of a few girls and at-random firing by the police in the market sent a wave of indignation into the hearts of the people. The resultant anger and excitement led to spontaneous acts of protest like removal of rails, cutting of telegraph wires and burning of ...
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Great Poem By Harvansh Rai Bachchan बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर… क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है.. मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।। ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है पर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले .!!. एक घड़ी ख़रीदकर हाथ मे क्या बाँध ली.. वक़्त पीछे ही पड़ गया मेरे..!! सोचा था घर बना कर बैठुंगा सुकून से.. पर घर की ज़रूरतों ने मुसाफ़िर बना डाला !!! सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब…. बचपन वाला ‘इतवार’ अब नहीं आता | शौक तो माँ-बाप के पैसो से पूरे होते हैं, अपने पैसो से तो बस ज़रूरतें ही पूरी हो पाती हैं.. जीवन की भाग-दौड़ में – क्यूँ वक़्त के साथ रंगत खो जाती है ? हँसती-खेलती ज़िन्दगी भी आम हो जाती है.. एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम और आज कई बार बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है.. कितने दूर निकल गए, रिश्तो को निभाते निभाते.. खुद को खो दिया हमने, अपनों को पाते पाते.. लोग कहते है हम मुस्कुराते बहोत ...